सोमवार, 6 फ़रवरी 2023

ऑक्सफैम

ऑक्सफैम की 2025 की रिपोर्ट, जिसका शीर्षक "टेकर्स नॉट मेकर्स", भारत में बढ़ती असमानता और औपनिवेशिक शोषण की विरासत पर प्रकाश डालती है, जिसमें अरबपतियों की संपत्ति में तेजी से वृद्धि और गरीब लोगों की स्थिति में गिरावट पर चिंता व्यक्त की गई है. 

यहां ऑक्सफैम रिपोर्ट 2025 के भारत से संबंधित मुख्य बिंदुओं का विवरण दिया गया है:

अरबपतियों की संपत्ति में वृद्धि:

रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में अरबपतियों की संपत्ति 2 ट्रिलियन डॉलर बढ़ी है, जो 2023 की तुलना में तीन गुना अधिक है. 

वैश्विक असमानता:

रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे अमीर 1% लोगों के पास अब वैश्विक संपत्ति का 45% हिस्सा है, जबकि 44% मानवता प्रतिदिन 6.85 डॉलर से कम पर जीवन यापन करती है. 

औपनिवेशिक शोषण की विरासत:

रिपोर्ट में औपनिवेशिक शासन के दौरान भारत से लूटी गई संपत्ति पर जोर दिया गया है, जिसमें 1765 से 1900 के बीच ब्रिटेन के सबसे धनी 10 प्रतिशत लोगों ने भारत से 33,800 अरब अमेरिकी डॉलर की संपत्ति निकाली. 

भारत में संपत्ति का वितरण:

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सबसे अमीर 1% लोगों के पास कुल संपत्ति का 40% से अधिक हिस्सा है, जबकि निचले 50% लोगों के पास केवल 3% संपत्ति है. 

भारत में असमानता:

रिपोर्ट में भारत में लिंग, जाति और धर्म के आधार पर असमानता पर भी प्रकाश डाला गया है. 

भारत में कर प्रणाली:

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि भारत के शीर्ष 10 सबसे धनी व्यक्तियों पर 5% कर लगाने से बच्चों को स्कूल में पुनः नामांकित करने के लिए पर्याप्त धन मिल सकता है. 

ऑक्सफैम इंडिया:

ऑक्सफैम इंडिया एक स्वायत्त भारतीय संगठन है और इसके कर्मचारी और बोर्ड के सदस्य भारत से ही हैं. 

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