1991 से 2002 के बीच जहाँ अर्थव्यवस्था में कुल जमा पूंजी में
4 गुणा बढ़ोतरी हुई है, वहीँ निजी कार्पोरेट क्षेत्र में यह 9 गुणा बढ़
चुकी है । (स्रोत -सी एस ओ , नेशनल अकाऊंट्स स्टैटिस्टिक्स )
कार्पोरेट सैक्टर के बढ़ते मुनाफे का अंदाजा इस बात से लगाया जा
सकता है कि जहाँ आजादी से लेकर 1991 के बीच निजी कारपोरेट
क्षेत्र के बजट तथा जी डी पी का अनुपात 2 फीसदी के स्तर पर बना
रहा था, वहीँ 2007 -2008 में यह बढ़कर 9. 4 फीसदी पहुँच चुका था
और अब 8 फीसदी के करीब है ।
4 गुणा बढ़ोतरी हुई है, वहीँ निजी कार्पोरेट क्षेत्र में यह 9 गुणा बढ़
चुकी है । (स्रोत -सी एस ओ , नेशनल अकाऊंट्स स्टैटिस्टिक्स )
कार्पोरेट सैक्टर के बढ़ते मुनाफे का अंदाजा इस बात से लगाया जा
सकता है कि जहाँ आजादी से लेकर 1991 के बीच निजी कारपोरेट
क्षेत्र के बजट तथा जी डी पी का अनुपात 2 फीसदी के स्तर पर बना
रहा था, वहीँ 2007 -2008 में यह बढ़कर 9. 4 फीसदी पहुँच चुका था
और अब 8 फीसदी के करीब है ।
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